Thursday, 22 May 2014

cbse class 9 ncert hindi vaakh(वाख) laladyad (ललद्यद)

ललद्यद

वाख-
रस्सी कच्चे धागे की खींच रही मैं नाव
जाने कब सुन मेरी पुकार,करें देव भवसागर पार,
पानी टपके कच्चे सकोरे ,व्यर्थ प्रयास हो रहे मेरे,
जी में उठती रह-रह हूक,घर जाने की चाह है घेरे।

व्याख्या :- प्रस्तुत वाख में कवयित्री ललद्यद ने कहा है कि प्रभु-मिलन की आस में मैं अपने जीवन रूपी नाव को साँसों की डोरी (कच्ची रस्सी) के सहारे आगे बढ़ा रही हूँ। प्रभु न जाने कब मेरी पुकार सुनेंगे और मुझे इस भवसागर से पार करेंगे। मिट्टी से बने इस शरीर रूपी कच्चे सकोरे से निरंतर पानी टपक रहा है अर्थात् एक-एक दिन करके उम्र घटते जा रही है। प्रभु-मिलन के लिए किये गए अब तक के सारे प्रयास व्यर्थ हो चुके हैं। मेरी आत्मा परमात्मा से मिलने को व्याकुल हो रही है। बार - बार असफलता के कारण मेरे मन में  ग्लानि हो है।

 वाख-

खा खा कर कुछ पाएगा नहीं,
न खाकर बनेगा अहंकारी,
सम खा तभी होगा समभावी,
खुलेगी साँकल बन्द द्वार की।
व्याख्या :- प्रस्तुत वाख में कवयित्री ललद्यद ने हृदय को उदार , अहंकार-मुक्त एवम् समानता के भाव से परिपूर्ण बनाने का संदेश देते हुए कहा है कि केवल और केवल भोग-उपभोग में लगे रहने से कुछ प्राप्त नहीं हो सकता । इससे व्यक्ति स्वार्थी बन जाता है। यदि भोग का सर्वथा त्याग कर दिया जाय तो मन में त्यागी होने का अहंकार पैदा हो जाता है,यह स्थिति और भी भयानक होती है,क्योंकि अहंकार विनाश का कारण है। इसलिए कवयित्री ने बीच का रास्ता सुझाते हुए कहा है कि हमें भोग करना चाहिए किन्तु न के बराबर और त्याग भी अवश्य करना चाहिए, किन्तु सीमा से परे नहीं। तात्पर्य यह कि हमें त्यागपूर्वक भोग करना चाहिए अर्थात् भोग और त्याग के बीच समानता रखनी चाहिए। इस समानता के कारण हमारे अन्दर समभाव उत्पन्न होगा जिससे हमारे हृदय में उदारता का आविर्भाव होगा।जैसे ही हमारे अन्दर उदारता आएगी, हमारे अन्दर के स्वार्थ,अहंकार एवं हार्दिक संकीर्णता स्वाहा हो जाएगी । हमारा हृदय अपने - पराए के भेद से उपर उठ जाएगा और समस्त चराचर के लिए हमारे हृदय का द्वार खुल जाएगा।


वाख-

आई सीधी राह से ,गई न सीधी राह,
सुषुम सेतु पर खड़ी थी, बीत गया दिन आह।
ज़ेब टटोली कौड़ी ना पाई
माँझी को दूँ क्या उतराई ।
व्याख्या :- प्रस्तुत वाख में ललद्यद के मन का पश्चाताप उजागर हुआ है। उन्होंने अपनी आत्मा को परमात्मा से मिलाने के लिए सामान्य भक्ति के मार्ग को न अपनाकर हठयोग का सहारा लिया। अर्थात् भक्ति रुपी सीढ़ी पर न चढ़ कर  सुषुम्ना नाड़ी (कुंडलिनी) को जागृत कर अपने और प्रभु के बीच हठयोग के द्वारा सीधे तौर पर सेतु (पुल) बनाना चाहती थीं।परन्तु अपने इस प्रयास में वे सदैव असफल होते रहीं। इसी प्रयास में धीरे - धीरे उनकी उम्र बीत गई।जब तक उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ तब तक उनके जीवन की संध्या हो चुकी थी अर्थात् अब मृत्यु की घड़ी निकट आ चुकी थी। अब कुछ और करने का समय शेष नहीं था ।जब उन्होंने अपने जीवन का लेखा-जोखा किया तो पाया कि उनके पास तो कुछ भी नहीं है,उनकी हालत तो किसी कंगाल की तरह है।अब तो परमात्मा से मिलने के लिए भवसागर पार करके ही जाना होगा । भवसागर पार कराने के लिए प्रभु जब उससे खेवाई या पार-उतराई के रूप में पुण्य कर्म माँगेंगे तो वह क्या देगी? उसने तो हठयोग में ही अपनी पूरी ज़िन्दगी बीता दी।अपनी अवस्था पर उन्हें भारी अफ़सोस हो रहा है।वे पछता रही हैं।पर कहते हैं न कि--
“अब पछताए होत का , जब चिड़िया चुग गई खेत।”


वाख-
थल थल में बसता है शिव ही
भेद न कर क्या हिन्दू मुसलमाँ,
ज्ञानी है तो स्वयं को जान,
यही है साहिब से पहचान ।

व्याख्या :- प्रस्तुत वाख में ललद्यद ने ईश्वर को सर्वव्यापी कहते हुए समस्त चराचर में उसका वास बताया है।ललद्यद के अनुसार सृष्टि के कण - कण में प्रभु का वास है और वे हम सबके अन्दर हैं। अत: हमें जाति,धर्म,अमीर-गरीब,ऊँच-नीच  या हिन्दू-मुसलमान जैसे भेद-भाव नहीं करना चाहिए। वे कहती हैं कि जिसे आत्मा का ज्ञान हो गया उसे परमात्मा का ज्ञान स्वत: हो जाता है।उनके अनुसार आत्मज्ञानी परमात्मा से साक्षात्कार कर लेता है।आत्मा में ही परमात्मा का वास है अत: स्वयं को जानना ही ईश्वर को जानना है।

84 comments:

  1. Very helpful for my SA1 exams
    Thanks SIR

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    1. Hello....thanks this explanation helped me very much

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    2. Sooo useful . Thanks a lot

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    6. Very Helpful sir
      Thanx a lot

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    7. Very very helpfull sir
      Your words are to the point

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    8. Very bad I can't understand you are very bad

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    9. Ek teacher apni puri mehnat laga deta haii smjhne me or app log ye baat bolkr unka confindence losse karte ho ..😔

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    10. Thnks a lot it is very useful ☺☺😊

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    11. Thank you so much for your efforts,it is very useful 🤓🤓🤓🤓

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    13. Tommorrow will my exam its very helpful for me thanku so much

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  2. today is my hindi exam.......and believe me it helped me lot in my exams.......
    Thnx to admin

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  3. Really helpful......... thnx a lot ......

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  5. Thnx it helped me a lot. I scored full marks in my hindi FA exam🙆🙏🙋

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    1. It is impossible to score full marks in FA in Hindi

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    2. No it is possible if your answer is on point and your vocabulary is outstanding . I also got full

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    3. Dont be foolish

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  7. Really helpful it helped me to understand each one clearly thank you sir☺☺

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  8. class 9 students are very obliged to you for this absolute help.....thank you very much sir

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    1. Yes .... We r really to much obliged. .... It's too hlo ful dude !😁

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  9. Thnx....a lot. It is very helpful for my revision for exams.

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  10. Thank you very much it is very nice for understanding each word hope I would get good marks this time

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  12. thankzzz.... its very helpful......

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  13. Thanks a lot........tomorrow is my Hindi exams................this has really helped me to understand the poem...............I hope for better marks..

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  14. its really very nice. Thnxxxxx......

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  15. thanxx for this wonderful meanings ........ thanxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx a lotttttttttttttttttttttttttttt

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  16. Shivane Singh Rajpoot10 September 2016 at 06:39

    Thanks, to the creator for this meanings.
    It really helped me alot! By reading this looks like I am getting private tutions from you!!!

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  17. Thanks alot , its very very helpful for my son Thankyou very much Sir

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  18. Thanks for explaining this. It was really helpful. :)

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  20. you are really good...........but i also wanted the anuvad oh the other chapters. If possible plz post those too. Otherwise its real good wht you do for us.

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  21. tnkuuu sooo much.. rlly helped during exams

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  23. थैंक यू वैरी मच । वैरी हेल्पफुल।
    धन्यवाद्।
    तोमरो इस माय स-या 1 एग्जामिनेशन।

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  24. Thanks tommorow is my Hindi SA-1 and this helped me a lot!

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  25. Thanks class mai samajh nhi aaya tha..yahan aa gayi..hope to get gud mrks..😊😊

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  28. thank you.........very helpful. help me a lot.....thnx..............

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  29. its really very useful....thanks a lot

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  30. It's really useful......it helped me a lot...... good to prepare for the test

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  31. It's helpful for everyone.

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  32. Adbhut!!
    Atyuttam!!
    Apk uttaro ne to meri aakhe hi khol di!!
    M asha krti hu ki ap sadaiv aise hi hume ache uttar pradan krte rahenge!!
    M apki sada abhari hu

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  33. आप लोगों ने तो हमारी आखे ही खोल ढी

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  34. A very very very very very much thanx to u

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  35. nice but lendy can be explained in short

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  36. They copy paste the material which is in study rankers....

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  37. I am overwhelmed such a gud xplanation ... Helping me a lot.. Tomorrow iz hindi xam wish me luckk.. Coz u know i have one the worst teachers. .uhhhh but this helped me a lott ..bst one. 😊

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  38. Very Helpful....

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  39. Awesome summary of wakh in details and do something more interesting about it

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  40. It is very helpful as it helps me to complete my Hindi project

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  41. Thanks🙏🙇🙏💕🙏💕🙏💕🙏💕🙏💕🙏💕 a lot

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  42. The language is a bit useless and difficult

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  43. Thanks a lot....It is so helpful 😇😇

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  44. This will help me alot bcoz today is my hindi's exam

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  45. Very good explanation

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  47. This is very helpful for me thanks

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  48. अभिनेता11 September 2020 at 07:54

    येह वाख बहुत ही असान है । और इस वेबसाइट पर वोह और भी असान बना दिया गया है ।
    धन्यवाद ��������

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  49. glad sir you work is best ever for me me in Hindi

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